फरीदाबाद
फरीदाबाद जिले में सूरजकुंड मेला लगा हुआ है। मेले में राजाओं-महाराजाओं के समय में मनोरंजन का माध्यम रहने वाली बहरूपिया कला देखने को मिल रही है। बता दें कि राजस्थान के रहने वाले मनोज अपनी पीढ़ियों से चली आ रही विलुप्त होती इस कला को मेले में लेकर आए है। मनोज सहित उसके 6 भाई भी इसी मेले में इस कला से लोगों का मनोरंजन करते है। बहरूपिया कला पुराने समय में राजाओं के लिए मनोरंजन का माध्यम हुआ करती थी। इस कला में कलाकार कई प्रकार के रूप धारण करने लोगों मनोरंजन करता है। मनोज ने बताया कि उनके दादा शिवराज बहरूपिया कला के बड़े कलाकार थे। उनके परिवार के लोगों ने राजाओं के दरबार से लेकर विदेशों तक इस कला को दिखाया है।
फरीदाबाद जिले में सूरजकुंड लगा मेला, आकर्षण का केंद्र बना ‘चिराग से निकला जिन्न’
