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नाबालिग को लेकर लौट रहे लखनऊ के दरोगा की मौतः 2 महीने पहले पिता बने थे, शव देख मां बेसुध; उन्नाव में बस में घुसी अर्टिगा

नाबालिग को लेकर लौट रहे लखनऊ के दरोगा की मौतः 2 महीने पहले पिता बने थे, शव देख मां बेसुध; उन्नाव में बस में घुसी अर्टिगा

TIL Desk लखनऊ:👉उन्नाव में तेज रफ्तार अर्टिगा कार एक प्राइवेट बस में पीछे से घुस गई। हादसे में कार चला रहे यूपी पुलिस के दरोगा मनजीत सिंह (38) की मौके पर मौत हो गई। सिपाही समेत 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अमेठी में तैनात दरोगा टीम के साथ लापता युवती को राजस्थान से बरामद कर लौट रहे थे।

शुक्रवार सुबह 6 बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ थाना क्षेत्र में हादसा हुआ। दरोगा मनजीत का शव स्टेयरिंग और सीट के बीच 30 मिनट तक फंसा रहा। राहगीरों ने लोहे की रॉड से बोनट तोड़कर शव निकाला। घायलों में एक हेड कॉन्स्टेबल, एक नाबालिग और उसके परिजन शामिल हैं, जिन्हें बांगरमऊ सीएचसी में भर्ती कराया गया है।

मृतक दरोगा मनजीत मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाले थे। अभी परिवार के साथ लखनऊ के सर्वोदय नगर में रहते थे। मनजीत की 5 साल पहले शादी उर्मिला वर्मा से हुई थी। उनकी 2 महीने की एक बेटी भी है। दोपहर में दरोगा का शव लखनऊ पहुंचा। शव देखकर मां चीखने लगी। वह रोते-रोते बेसुध हो गईं। शाम को दरोगा का बाराबंकी में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, अमेठी में तीन दिन पहले एक युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सर्विलांस टीम की मदद से युवती की लोकेशन राजस्थान में मिली थी। अमेठी कोतवाली पुलिस की एक टीम नाबालिग लड़की को बरामद करने के लिए दो दिन पहले राजस्थान रवाना हुई थी।

टीम में कोतवाली के दरोगा मनजीत सिंह और हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप तिवारी शामिल थे। टीम गुरुवार को युवती को बरामद कर लौट रही थी, तभी हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीर दौड़कर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला।

लेकिन कार चला रहे दरोगा मनजीत सिंह स्टीयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गए थे। थोड़ी ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका शव लगभग 30 मिनट तक वाहन में फंसा रहा। बाद में राहगीरों ने लोहे की रॉड से कार का बोनट तोड़कर शव बाहर निकाला।

100 की स्पीड में बस में घुसी कार :

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। 9 फीट की कार महज 6 फीट की रह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त कार की स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा थी।

2015 में पुलिस में भर्ती हुए थे दरोगा मनजीत सिंह :

उन्नाव पुलिस के अनुसार, दरोगा के पास से उनका आईडी बरामद हुआ है। वे 2015 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। पिछले एक साल से अमेठी में तैनात थे। पुलिस ने दरोगा के परिजनों को सूचित कर दिया है। दरोगा मनजीत लखनऊ के ह-31, सर्वोदय नगर में अपने परिवार के साथ रहते थे। मनजीत के पिता आरबी सिंह निवासी सर्वोदय नगर लखनऊ में वकील है। मनजीत दो भाइयों में बड़े थे।

सीओ बांगरमऊ अरविंद चौरसिया ने बताया- एक्सीडेंट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक दरोगा की मौत हो चुकी थी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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