महाराष्ट्र
वक्फ बिल को मुसलमानों के लिए हितैषी बताने वाली भाजपा की दलीलों पर उद्धव ठाकरे ने तंज कसा है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा मुसलमानों के प्रति दिखाई गई ‘चिंता’ मुहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मिंदा कर देगी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा मुसलमानों के हित की बात कर रही है और हम उसके खिलाफ हैं तो फिर बताइए कि हिंदुत्व किसने छोड़ा है। वे तो हम पर आरोप लगाते रहे हैं कि हम लोग हिंदुत्व के सिद्धांतों से भटक गए हैं और समझौता कर लिया है। अब सच्चाई यह है कि भाजपा कह रही है कि वह सेकुलर कानून लेकर आई है, जिससे मुसलमानों का हित होगा।
उन्होंने गुरुवार को अपने आवास मातोश्री पर मीडिया से बात की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा केंद्र में तीसरी बार जीत चुकी है और सब कुछ ठीक चल रहा है, फिर भी वह हिंदू-मुस्लिम मुद्दे उठा रही है। इससे पता चलता है कि शायद सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति क्या है। वह खुद ही बता दे। कभी हमसे कहती है कि हम हिंदुत्व से भटक गए हैं और फिर उसी की तरफ से उनको सौगात-ए-मोदी की भेंट दी जाती है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर भाजपा को मुसलमान नापसंद हैं तो उसे अपनी पार्टी के झंडे से हरा रंग हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने पहले ईद का सेलिब्रेशन किया और फिर संसद में वक्फ बिल लेकर आ गए।
उद्धव ठाकरे ने वक्फ बिल के विरोध की वजह बताते हुए कहा कि हम इसलिए खिलाफ रहे क्योंकि भाजपा इसके जरिए जमीन हथियाना चाहती है। उनकी नीयत साफ नहीं है। इसलिए हम बिल के खिलाफ रहे। उन्होंने कहा कि अमित शाह बिल के पक्ष में बात करते हुए कहते हैं कि यह मुस्लिमों की बेहतरी के लिए है। हम पर इसका विरोध करने के लिए गुस्सा होते हैं। फिर बताएं कि हिंदुत्व किसने छोड़ दिया है। यही नहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार तो इस बिल को अमेरिकी ऐक्शन से ध्यान भटकाने के लिए लाई है। उद्धव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को अमेरिकी शुल्क के आसन्न खतरे और इसे कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताना चाहिए था।